विकास से पहले शासन व्यवस्था

विकास से पहले शासन व्यवस्था

विकास से पहले शासन व्यवस्था

ईस्पोर्ट्स में विकास को देखना आसान है। नए टूर्नामेंट सामने आते हैं, दर्शक बढ़ते हैं और तकनीक लोगों के प्रतिस्पर्धा करने और प्रतिस्पर्धा देखने के तरीके को बदलती जा रही है। विकास की गति उल्लेखनीय है, और अक्सर ऐसा लगता है कि इकोसिस्टम केवल इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि उद्योग खुद तेजी से आगे बढ़ता है।

लेकिन केवल विकास से स्थिरता नहीं आती।

अंतरराष्ट्रीय खेल के भीतर काम कर चुका कोई भी व्यक्ति समझता है कि किसी खेल को उसके आयोजनों की दृश्यता नहीं, बल्कि उसकी शासन व्यवस्था की मजबूती कायम रखती है। हर विश्वसनीय वैश्विक प्रतियोगिता के पीछे एक ऐसी प्रणाली होती है जो उसमें भाग लेने वाले सभी लोगों के बीच निष्पक्षता, जवाबदेही और विश्वास सुनिश्चित करती है।

इसी समझ ने शुरू से ही International Esports Federation की दिशा तय की है।

जब IESF की स्थापना हुई, तब लक्ष्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना या खिलाड़ियों के लिए अवसर बनाना नहीं था। लक्ष्य उस संरचना का निर्माण शुरू करना था जिसकी ईस्पोर्ट्स को एक वैश्विक खेल के रूप में परिपक्व होने पर अंततः जरूरत पड़ती। इसका अर्थ था ऐसी शासन प्रणालियां बनाना जो एक अंतरराष्ट्रीय महासंघ में राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और जिम्मेदार निर्णय प्रक्रिया का समर्थन कर सकें।

यह काम खुद शायद ही कभी दिखाई देता था। यह विधान और विनियम तैयार करने, लोकतांत्रिक मतदान प्रक्रियाएं स्थापित करने और महासंघ तथा उसके सदस्य महासंघों के बीच स्पष्ट जिम्मेदारियां तय करने में होता था। ये सावधानी से उठाए गए कदम थे, इस समझ के साथ कि दीर्घकालिक विश्वसनीयता जल्दी नहीं बनाई जा सकती।

जैसे-जैसे ईस्पोर्ट्स का विस्तार होता गया, यह सिद्धांत और भी महत्वपूर्ण होता गया। तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम अधिक हितधारकों, बड़ी अपेक्षाओं और अधिक कड़ी जांच को आकर्षित करता है। ऐसे माहौल में शासन व्यवस्था केवल एक प्रशासनिक आवश्यकता नहीं रहती। वह ऐसा ढांचा बन जाती है जो प्रतिस्पर्धा की सत्यनिष्ठा और वैश्विक समुदाय के विश्वास की रक्षा करता है।

इसलिए IESF ने शासन व्यवस्था को कभी ऐसी चीज नहीं माना जो विकास के बाद आती है। वह वह शर्त है जो विकास को टिकाऊ बनाती है।

प्रतियोगिताएं ध्यान खींच सकती हैं, लेकिन स्थिरता शासन व्यवस्था देती है। आयोजन उत्साह पैदा कर सकते हैं, लेकिन निष्पक्षता और जवाबदेही शासन व्यवस्था सुनिश्चित करती है। इसके बिना विस्तार नाजुक हो सकता है।

यह विश्वास कि शासन व्यवस्था विकास से पहले आनी चाहिए, एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। ईस्पोर्ट्स विकसित होता रहेगा और आगे के अवसर महत्वपूर्ण हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय खेल इकोसिस्टम में स्थायी मान्यता केवल इस पर निर्भर नहीं करेगी कि ईस्पोर्ट्स कितनी तेजी से बढ़ता है, बल्कि इस पर भी कि उसका शासन कितनी जिम्मेदारी से चलाया जाता है।

इसी कारण शासन व्यवस्था IESF के काम के केंद्र में बनी हुई है, उस नींव के रूप में जो इकोसिस्टम को विश्वसनीयता, स्थिरता और विश्वास के साथ बढ़ने देती है।